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भारत की अमेरिका को खरी - खरी
Saturday, July 25, 2020 3:00:45 PM - By पुरुषोत्तम कनौजिया

चाबहार पोर्ट फ़ाइल पिक
भारत ने अमेरिका को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि वो हमें न बताए कि हम चाबाहार पोर्ट पर क्या करें और क्या न करें चाबहार हम तीन देशों के बीच का मामला है उसमें अमेरिका को कूदने की जरूरत नहीं है । ये बातें ईरान में भारत के एम्बैसडर गद्दाम धर्मेंद्र ने तेहरान में एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू के दौरान कही । उन्होंने कहा कि हम चाबाहार का विकास करने के लिए प्रयासरत हैं और इसके लिए उपयोग मे आने वाले भारी उपकरणों को खरीदारी के ऑर्डर कई देशों को गए हैं । जिसमें जर्मनी , इटली , फिनलैंड , और चीन जैसे देश शामिल हैं ।

भारत ही करेगा चाबाहार पोर्ट का विकास

भारत पर अमेरिकी दबाव पर बोलते हूए गद्दाम धर्मेंद्र ने कहा कि हमारे ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं है , इसीलिए अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के साथ हमारे रिश्तें कायम हैं । भारत एकमात्र देश है जिसका ईरान के साथ भारतीय रूपए और ईरानी रियाल में व्यापार हो रहा है । सच्चाई ये है कि हम चाबाहार के लिए काम कर रहे हैं , हम चाबाहार के लिए उपकरण खरीद रहे हैं, हम चाबाहार के लिए तैयारी कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि हमारे बीच पिछले एक साल में व्यापार बढ़ा है । भारत ने इस बीच एक मिलियन से ऊपर गेंहूं , चावल, और शक्कर का निर्यात चाबाहार पोर्ट के माध्यम से किया है ।
यह तीन देशों के बीच की है बात चौथे देश को नहीं देना चाहिए दखल

ज्ञात हो कि चाबाहार पोर्ट का विकास तीन देशों ईरान , भारत और अफगानिस्तान के बीच हुए समझौते के तहत हो रहा है, हमे इसके लिए अमेरिकी संबंधों के बावजूद लोन भी मिल रहा है । अभी हाल में खबरें आ रही थीं कि ईरान ने भारत को चाबाहार और जहेदान के बीच बनने वाले रेल प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया है । जिसके बाद भारत ने कहा था कि हम इस बारे में ईरान से बात कर रहे हैं और जल्द ही सकारात्मक नतीजें सामने आएंगे ।