Wednesday, February 26, 2020

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गरवारे शिक्षण संस्थान में मनाया गया वसंतोत्सव
Monday, February 17, 2020 11:51:27 PM - By प्रिंस तिवारी

अनिल गलगली के साथ गरवारे परिवार के सदस्य


मुंबई विद्यापीठ के गरवारे शिक्षण संस्थान में पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने मनाया वसंतोत्सव ।इस अवसर पर 'आरटीआई और पत्रकारिता ' विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने विद्यार्थियों को आरटीआई कानून के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान की । आरटीआई फाइल करने से लेकर प्रथम और द्वितीय अपील दायर करने के तरीकों से अवगत कराया।उन्होंने कहा कि आरटीआई एक ऐसा कानून है जिसके माध्यम से एक सामान्य व्यक्ति भी समाज की लड़ाई लड़ सकता है। इस कानून की ताकत का अहसास इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक जितनी भी सरकारें आई हैं सभी सरकारों ने आरटीआई को कमजोर करने का प्रयास किया है । भारत की सभी पार्टियों को आरटीआई कानून तब अच्छा लगता है। जब वो विपक्ष में होती हैं। पर जैसे ही वो पार्टी सत्ता में आती है । इस कानून में कुछ न कुछ बदलाव करने का प्रयास करती है ।
उन्होंने कहा कि एक सफल पत्रकार बनने के लिए आरटीआई का उपयोग करना चाहिए। इसके माध्यम से वो खबरे मिल सकती हैं जो खबरे सरकारी महकमे में बैठे लोग छुपाना चाहते हैं। समय - समय पर आरटीआई दाखिल करके कोई भी व्यक्ति अपने आस पास होने वाले कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। यह कानून बड़े ही संघर्षों के बाद प्राप्त हुआ है। कई आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या भी की जा चुकी है। पर दुख की बात ये है कि आज के समय कुछ लोग आरटीआई का इस्तेमाल अपने स्वार्थ के लिए करने लगे हैं। वे लोग आरटीआई के माध्यम से लोगों को ब्लैमेल करने लगे हैं। जो इस कानून और इसके लिए संघर्ष करने वाले लोगों का अपमान है।
अपने अध्यक्षीय भाषण में गरवारे पत्रकारिता विभाग के समन्वयक सरोज त्रिपाठी ने कहा कि आजादी के बाद भारत के लोगों को यदि कोई बड़ा अधिकार मिला है तो वो है आरटीआई का कानून । अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम कानून कि रक्षा करे ।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने काव्य पाठ करके माहौल को रंगा - रंग बना दिया।
इस अवसर पर शिक्षक सैय्यद सलमान ,पूर्व शिक्षा अधिकारी राजदेव यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन विनय सिंह एवम पुरुषोत्तम कनौजिया ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील सावंत , धीरज गिरी, प्रिंस तिवारी, अनिरुद्ध तिवारी और अफसाना कुरैशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।