Saturday, August 15, 2020

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बीएमसी की लापरवाही से जा रही स्वास्थ्यकर्मियों की जान
Saturday, July 4, 2020 11:36:33 AM - By पुरुषोत्तम कनौजिया

मुंबई महानगपालिका

बीएमसी की लापरवाही के कारण 50 वर्षीय
स्वास्थ्य कर्मी जगदीश कड़ू की कोरोना से जूझते हुए जान चली गई । उनके परिवार के सदस्य अभी भी कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं । जगदीश 25 में से घाटकोपर के मुक्ताबाई अस्पताल में कार्यरत थे और कोरोना पीड़ितों की सेवा कर रहे थे । इस बीच वो भी इस बीमारी कि चपेट में आ और 21 जून को उनकी जांच रिपोर्ट आई जिसमें वो पॉजिटिव थे । उसके बाद उन्हें कल्याण के आयुष अस्पताल भर्ती करवाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई । उनके परिवार का कहना है कि काम पर जाने से पूर्व उन्होंने अपने स्वास्थ्य के दस्तावेज बीएमसी के अधिकारियों दिए थे । अधिकारियों ने उन दस्तावेजों पर ध्यान न देकर जगदीश को काम पर आने के लिए मजबूर किया, इसलिए उन्हें काम पर जाना पड़ा । बीएमसी ने पहले कहा था कि वो 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को काम पर नहीं बुलाएगी उसके बावजूद उन्हें काम पर बुलाया गया । जिसका परिणाम ये हुआ कि जगदीश को अपने प्राणों से हाथ धोना पड़ा । इस तरह बीएमसी की कथनी और करनी में अंतर साफ नजर आ रहा है । उनके परिवार के सदस्य बीएमसी से मदद की अपील कर रहे हैं । उसके बावजूद अब तक उनके परिवार की मदद नहीं की जा रही है । अब जब बीएमसी में काम करने वाले लोगों के हालात ऐसे है तो आम आदमी का क्या होगा उसका सिर्फ अनुमान है लगाया जा सकता है । उम्मीद है बीएमसी के अधिकारी जागेंगे और इस महामारी से जूझ रहे लोगों की मदद करेंगे ।